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परिवारों के अनुभव

गुरुजी का कोई विज्ञापन नहीं है। यही अनुभव उनका परिचय हैं — परिवार के शब्दों में, उनकी अनुमति से।

4.9★★★★★68 समीक्षाएँ
6,000+परिवारों की सेवा
4,200+पूजा व हवन
20+वर्षों का अनुभव
बेटी के विवाह से पहले कुंडली मिलान कराया। गुरुजी ने जो बताया, वह सच निकला — और जो परिहार बताया वह सरल था, महँगा रत्न खरीदने को नहीं कहा। यही बात सबसे अच्छी लगी।
★★★★★
सुनीता व रमेश देशपांडेकोथरूड, पुणे
गृह प्रवेश की पूजा दो गुरुजी ने की। समग्री की सूची पहले ही मिल गई थी, इसलिए कुछ भी अधिक खरीदने की जरूरत नहीं पड़ी। विधि पूरी हुई, समय की पाबंदी रही।
★★★★★
अनिल कुलकर्णीनाशिक
पोती के नामकरण के लिए आए थे। जन्म कुंडली देखकर अक्षर बताया और साथ में यह भी समझाया कि क्यों वह अक्षर शुभ है। बड़ों की तरह बात की, जल्दबाजी नहीं दिखाई।
★★★★★
वैशाली जोशीबाणेर, पुणे
काल सर्प दोष कहकर कई जगह डराया गया था। गुरुजी ने कुंडली देखकर कहा कि आपके यहाँ पूरा दोष नहीं है, फिर भी शांति करा दी। डर के बजाय भरोसा मिला।
★★★★★
शारदा पाटीलकराड, सातारा
दुकान के लिए मुहूर्त चाहिए था। तीन विकल्प दिए, हर एक के साथ पंचांग का हवाला भी। जो दिन हमने चुना, उस दिन से काम अच्छा चल रहा है।
★★★★★
महेश अग्रवालइंदौर
माँ के अस्वस्थ होने पर महामृत्युंजय जाप कराया। गुरुजी ने पहले स्पष्ट कहा कि यह दवा का विकल्प नहीं है — यह संकल्प है। यही ईमानदारी अच्छी लगी।
★★★★★
डॉ. अनुराधा देशमुखहडपसर, पुणे
ऑनलाइन कुंडली परामर्श लिया। चार्ट स्क्रीन पर दिखाकर समझाया, कोई जल्दबाजी नहीं। आधे घंटे बाद लिखित नोट्स भी भेज दिए, जो बहुत काम आए।
★★★★★
राहुल व प्रिया भारद्वाजचंडीगढ़
हम भी पंडित परिवार से हैं, इसलिए मंत्रोच्चार सुनकर पता चलता है कि विद्या कितनी है। गुरुजी का उच्चारण शुद्ध है और विधि में कोई जल्दबाजी नहीं।
★★★★★
जयश्री शास्त्रीवाराणसी

पूजा के क्षण

घरों में, आँगन में, हवन के पास

ये तस्वीरें परिवारों की अनुमति से ली गई हैं — चेहरे न दिखाना ही ठीक समझा गया, क्योंकि श्रद्धा का कोई प्रचार नहीं होता।

कुछ परिवार अपनी पूजा की तस्वीरें भेजते हैं — गृह प्रवेश के बाद का आँगन, थाली, कलश। यही हमारा सबसे सच्चा परिचय है।

गुरुजी परिवार को कलावा बाँधते हुए
पूजा की पीतल थाली — दीप, कुंकू, हल्दी, अक्षता

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